1 फरवरी से प्री-प्राईमरी, पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए भी खुलेंगे स्कूल

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से शर्तों सहित दी मंजूरी के अनुसार 1 फरवरी, 2021 से प्री-प्राईमरी, पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए राज्य के समूह सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राईवेट स्कूल खुलने जा रहे हैं।

चंडीगढ़, 29 जनवरीः मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से शर्तों सहित दी मंजूरी के अनुसार 1 फरवरी, 2021 से प्री-प्राईमरी, पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए राज्य के समूह सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राईवेट स्कूल खुलने जा रहे हैं। इन शब्दों का प्रगटावा करते हुये स्कूल शिक्षा मंत्री पंजाब श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सहमति लेकर पहले पड़ाव में नौवीं से बारहवीं, दूसरे पड़ाव में पाँचवी से आठवीं और फिर तीसरे पड़ाव में तीसरी और चैथी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले जा चुके हैं। 

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मां-बाप की तरफ से मिले भरपूर समर्थन के बाद शिक्षा विभाग की तरफ से पड़ाव बार खोले गए स्कूलों में कोविड-19 महामारी सम्बन्धी पंजाब सरकार की तरफ से जारी हिदायतों की शिक्षा अधिकारियों और अन्य स्कूल प्रबंधकों को सख्ती से पालना करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि विभाग की तरफ से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए हिदायतें भी जारी की हुई हैं।

विजय इंदर सिंगला ने विभागीय अधिकारियों और स्कूल प्रबंधकों को हिदायत करते हुये कहा कि 1 फरवरी से लगने जा रहे प्री-प्राईमरी, पहली और दूसरी कक्षाओं केे विद्यार्थी आयु में छोटे होते हैं जिस कारण इन बच्चों का स्कूल अध्यापकों और स्कूल मुखियों की तरफ से अधिक प्राथमिकता देकर ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि बच्चों की आपसी दूरी का ध्यान रख कर सिटिंग प्लान तैयार करना, मास्क का प्रयोग करना, थोड़े समय के अंतराल के साथ बार-बार हाथों को धोने या सैनीटाईज करने आदि संबंधी बार -बार जागरूक करना यकीनी बनाया जाना चाहिए। 

 सिंगला ने कहा कि पंजाब सरकार विद्यार्थियों और अध्यापकों की सुरक्षा के प्रति संजीदा है और इसलिए अधिकारियों को हिदायतें भी दी हैं कि शिक्षा सुधार टीमें और अन्य शिक्षा अधिकारी जब भी फील्ड में जाएँ तो उस समय स्कूल मुखियों को कोविड-19 से सुरक्षित रहने के लिए जारी नियमों का सख्ती के साथ पालन करने के लिए नेतृत्व करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रमुख और अध्यापक गाँवों और शहरों में प्रचार के अलग-अलग माध्यमों का प्रयोग करके विद्यार्थियों के माँ-बाप और सरप्रस्तों को कोविड -19 के संपर्क से बचाव के लिए इस्तेमाल की जा रही सावधानियों संबंधी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अब स्कूल जाने लगे हैं और स्कूल समय के बाद जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। 

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि 10 महीनों के बाद पंजाब के समूह स्कूल प्रातःकाल 10 बजे के बाद दोपहर 3 बजे तक पूर्ण तौर पर दोबारा खुल रहे हैं परन्तु लॉकडाऊन के दौरान विभागीय अधिकारियों, स्कूल मुखियों और अध्यापकों ने सख्त मेहनत और लगन के साथ काम करके विद्यार्थियों को आनलाइन प्रणाली के द्वारा पढ़ाई के साथ जोड़ कर रखा है। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद रहने के कारण पेश चुनौतियों से जूझते हुए अध्यापकों ने यह बहुत बड़ा मिशन सफलतापूर्वक फतेह किया है जिसके लिए समूह स्कूल प्रमुख और अध्यापक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अब स्कूल खुलने से विद्यार्थियों को कोविड -19 के संपर्क में आने से बचने के लिए नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करते रहना भी स्कूल मुखियों और अध्यापकों की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।

Get the latest update about education, check out more about truescoop Hindi, private school, tryescoop news & school reopen

Like us on Facebook or follow us on Twitter for more updates.