राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, बोले- हम दो और हमारे दो इस देश को चलाएंगे, कानून वापस लेना ही पड़ेगा

कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। संसद में राहुल गांधी ने कहा कि कल प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में विपक्ष के बारे में बोला था कि विपक्ष आंदोलन की बात कर रहा है

कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। संसद में राहुल गांधी ने कहा कि कल प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में विपक्ष के बारे में बोला था कि विपक्ष आंदोलन की बात कर रहा है, लेकिन कृषि कानूनों के कॉन्टैंट और इन्टैंट के बारे में नहीं बोल रहा है, तो मैंने सोचा कि आज प्रधानमंत्रीजी को खुश करें और कृषि कानूनों के कॉन्टैंट को लेकर बात करें। 

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि उन्होंने ऑप्शन दिया है, लेकिन उनका पहला ऑप्शन भूख, दूसरा बेरोजगारी और तीसरा आत्महत्या है। इसके आगे उन्होंने कहा कि पहले कानून का कंटेंट है कि कोई भी व्यक्ति देश में कहीं भी कितना भी अनाज, सब्जी, फल खरीद सकता है। अगर खरीदी देश में अनलिमिटेड होगी तो मंडी में कौन जाएगा? पहले कानून का कंटेंट मंडी को खत्म करने का है। दूसरे कानून का कंटेंट है कि बड़े से बड़े उद्योगपति अनाज, फल, सब्जी स्टॉक कर सकते हैं, कोई लिमिट नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा कि तीसरे कानून का कंटेंट है कि किसान जब उद्योगपतियों के सामने जाकर अपनी उपज का पैसा मांगें तो उसे अदालत में नहीं जाने दिया जाएगा। सालों पहले फैमिली प्लानिंग में नारा था- हम दो और हमारे दो। आज क्या हो रहा है, जैसे कोरोना दूसरे रूप में आता है, वैसे ही ये भी नए रूप पर आ रहा है। अब 4 लोग देश चला रहे हैं, उनका नारा है हम दो हमारे दो।

कृषि कानून पर राहुल ने कहा कि हम दो और हमारे दो इस देश को चलाएंगे। पहली बार हिंदुस्तान के किसानों को भूख से मरना पड़ेगा। ये देश रोजगार पैदा नहीं कर पाएगा। ये पहली कोशिश नहीं है। ये काम प्रधानमंत्री ने हम दो हमारे दो के लिए पहले नोटबंदी में शुरू किया था। पहली चोट नोटबंदी थी। तब ये मंशा थी कि नोट निकालो और हम दो हमारे दो की जेब में डालो।'

कोरोना काल में लगे लाॅकडाउन को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि उस  दौरान जब गरीबों ने बस और ट्रेन का टिकट मांगा तो मना कर दिया। उन्होंने कहा कि तुम पैदल घर जाओगे। मैं बजट पर भी बोलूंगा, मैं फाउंडेशन बना रहा हूं अभी। पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी और फिर कोरोना के समय उन्हीं 8-10 लोगों का कर्जा माफ कर दिया। हिंदुस्तान का रोजगार का भी सिस्टम है। स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री खत्म हो गई। आज नहीं, कल भी ये देश रोजगार नहीं पैदा कर पाएगा, क्योंकि आपने किसान, मजदूर की और छोटे व्यापार की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी।

राहुल ने कहा कि ये किसानों का आंदोलन नहीं है। ये देश का आंदोलन है। किसान सिर्फ रास्ता दिखा रहा है और वो अंधेरे में टॉर्च दिखा रहा है। एक आवाज में पूरा देश हम दो-हमारे दो के खिलाफ उठने जा रहा है।

राहुल बोले कि ये किसानों का आंदोलन नहीं है, ये देश का आंदोलन है। किसान सिर्फ रास्ता दिखा रहा है और वो अंधेरे में टॉर्च दिखा रहा है। एक आवाज में पूरा देश हम दो-हमारे दो के खिलाफ उठने जा रहा है। आप ये लिखकर ले लीजिए। आप सोचते हैं कि हिंदुस्तान के गरीब, मजदूर, किसान को हटा लोगे, पर वो एक इंच पीछे नहीं हटेंगे। वो आपको हटा देगा। आपको कानून वापस लेना ही पड़ेगा।


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