पंजाब में कोविड केस बढऩे पर मुख्यमंत्री ने लिए बड़े फैसले, 1 मार्च से लागू होंगे यह नए नियम

राज्य में कोविड के बढ़ रहे मामलों पर चिंता बढऩे के मद्देनजऱ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अंदरूनी और बाहरी जमावड़ों पर बन्दिशें लगाते हुए एक मार्च से अंदरूनी जमावड़ों की संख्या 100 तक और बाहरी जमावड़ों की संख्या 200 तक सीमित करने के हुक्म दिए हैं।

चंडीगढ़, 23 फरवरी- राज्य में कोविड के बढ़ रहे मामलों पर चिंता बढऩे के मद्देनजऱ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अंदरूनी और बाहरी जमावड़ों पर बन्दिशें लगाते हुए एक मार्च से अंदरूनी जमावड़ों की संख्या 100 तक और बाहरी जमावड़ों की संख्या 200 तक सीमित करने के हुक्म दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मास्क /सामाजिक दूरी का सख़्ती के साथ पालन करने और टेस्टिंग भी बढ़ाकर प्रति दिन 30,000 तक करने के निर्देश दिए हैं।

मौजूदा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए उच्च-स्तरीय वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने डिप्टी कमीश्नरों को सम्बन्धित जिलों में हॉटस्पॉट इलाकों में ज़रूरत पडऩे पर रात का कर्फ़्यू लगाने के लिए अधिकृत किया है और माईक्रो कंटेनमेंट रणनीति भी अपनाई जायेगी। उन्होंने पुलिस को मास्क पहनने, सभी रैस्टोरैंटों और मैरिज पैलेसों द्वारा कोविड निरीक्षक तैनात करने बारे जारी नोटिफिकेशन का सख़्ती के साथ पालन करवाने के भी निर्देश दिए हैं और इस उद्देश्य के लिए कर और आबकारी विभाग नोडल एजेंसी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिनेमा घरों में संख्या कम करने का फ़ैसला एक मार्च के बाद लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्राईवेट दफ़्तरों और रैस्टोरैंटों को सभी मुलाजिमों के लिए कोरोना टैस्टों की ताज़ा रिपोर्ट प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।

टेस्टिंग बढ़ाने के आदेश देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हर पॉजि़टिव व्यक्ति के संपर्क में आए 15 व्यक्तियों का अनिवार्य टेस्टिंग करवाने के हुक्म दिए हैं और इसकी निगरानी सी.पी.टी.ओज़ द्वारा की जायेगी जबकि स्वास्थ्य विभाग प्रगति का जायज़ा लेगा।

मुख्यमंत्री ने टीकाकरण की प्रगति का जायज़ा लेते हुए सूचना, शिक्षा और संचार (आई.ई.सी.) मुहिम जारी रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिससे सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों और अगली कतार के वर्करों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बुज़ुर्ग आबादी और सह-बीमारियों से पीडि़त आबादी हेतु वैक्सीन के लिए भी रूप-रेखा तैयार करने के हुक्म दिए।

3.23 सी.एफ.आर. पर चिंता जाहिर करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मृतकों के आडिट के निष्कर्षों का नोटिस लिया कि इनमें से ज्यादातर मौतें दाखिल रहने के 2-14 दिन के दरमियान हुई हैं। उन्होंने सह-बीमारियों से पीडि़त मरीजों खास कर प्राईवेट संस्थाओं में दाखिल मरीजों के लिए प्रोटोकॉल की निरंतर निगरानी की जरूरत पर जोर दिया। कुछ मौतों के घरों में होने का जिक्र करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को आदेष दिए कि घरेलू एकांतवास वाले मामलों खास कर सह-बीमारियों से पीडि़तों की उचित निगरानी को यकीनी बनाया जाये। उन्होंने हिदायत की कि स्व -निगरानी की हिदायतों पर आधारित फतेह किटों को सम्बन्धित व्यक्तियों के पॉजिटिव आ जाने वाले दिन से ही घरेलू एकांतवास में उन तक पहुँचा दी जानी चाहीये।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और मैडीकल शिक्षा विभागों को कहा कि सभी पद, जिनको विशेष तौर पर भरने की इजाजत दी गई है, को जल्दी से जल्दी भरा जाये।
सुरक्षा उपायों की पालन के लिए पंजाब पुलिस की तरफ से उठाये कदमों के बारे मुख्यमंत्री को अवगत करवाते हुये डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने बताया कि रोकों को सख्ती के साथ अमल में लाने के लिए फील्ड अधिकारियों को हिदायतें जारी की जा चुकी हैं।

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के सचिव हुसन लाल ने जानकारी दी कि अमृतसर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, एस.ए.एस. नगर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों में हाल ही के दिनों के दौरान कोविड के मामलों में विस्तार दर्ज किया गया है जिससे राज्य में दूसरी संभावी लहर उठने के अंदेशे प्रगटाए जाने लगे हैं।

टीकाकरण के मुद्दे सम्बन्धित उन्होंने खुलासा किया कि अब तक टीका लगाऐ जाने के बाद मामूली बुरे प्रभाव के 61 मामले सामने आए थे जबकि छह मामले अति गंभीर और 14 गंभीर मामले सामने आए थे। यह सभी अब ठीक हो चुके हैं।

राज्य सरकार के कोविड के बारे माहिरों के ग्रुप के प्रमुख डा. के. के. तलवाड़ ने कहा कि पॉजिटिविटी दर में हाल ही दौरान हुए वृद्धि के बारे विस्तार से अध्ययन किया जा रहा है जिससे नौजवानों में बढ़ते मामलों की बात सामने आई है। मौजूदा दर को देखते हुए पॉजिटिविटी दर दो हफ्तों में चार प्रतिशत तक बढ़ सकती है जिसका अर्थ होगा एक दिन में 800 मामले होंगे। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिए तत्काल तौर पर कदम उठाए जाने की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्य सचिव विनी महाजन ने सरकारी स्कूलों को फिर बंद किये जाने से इन्कार करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विभाग की तरफ से सभी कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार ने इस मौके पर कहा कि अध्यापकों को स्कूलों में नोडल अधिकारी बनाया गया है जिससे विद्यार्थियों को कोविड के मद्देनजर संयमी व्यवहार यकीनी बनाने और मास्क का उपयुक्त इस्तेमाल करने के बारे दिशा -निर्देश दिए जा सकें। यह कदम इसलिए उठाये गए हैं क्योंकि हाल ही के दौरान फिर खोले गए स्कूलों खास कर लुधियाना (3.1 प्रतिशत) और बठिंडा (2.9 प्रतिशत) में बड़ी संख्या में पॉजिटिव दर में विस्तार हुआ था।

डा. तलवाड़ ने आगे कहा कि अभी तक पंजाब में कोरोना वायरस के नये रूप की आमद नहीं हुई परन्तु नये सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और नतीजे अगले हफ्ते आऐंगे।

डा. राज बहादुर ने भी इस मौके पर मौजूदा स्थिति और कोविड के फैलाव पर नकेल डालने के लिए उठाये जा रहे कदमों पर रौशनी डाला।

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