इजरायली दूतावास के पास हुए ब्लास्ट के बाद पूर्व रॉ ऑफिसर ने विपक्षी नेताओं को ठहराया जिम्मेदार

दिल्ली में बीते शुक्रवार को इजरायली दूतावास के पास हुए ब्लास्ट के बाद पूर्व रॉ ऑफिसर एनके सूद ने दिल्ली का माहौल खराब करने के लिए विपक्षी नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया दिया। एनके सूद ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि धमाका छोटा हो या बड़ा, यह है तो एक धमाका ही

दिल्ली में बीते शुक्रवार को इजरायली दूतावास के पास हुए ब्लास्ट के बाद पूर्व रॉ ऑफिसर एनके सूद ने  दिल्ली का माहौल खराब करने के लिए विपक्षी नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया दिया। एनके सूद ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि धमाका छोटा हो या बड़ा, यह है तो एक धमाका ही। दिल्ली में जिस तरह से चीजें हो रही हैं, मामला राजनीतिक भी हो सकता है। इसमें आंतरिक साजिश और अंतरराष्ट्रीय साजिश भी चल रही है। भारत को प्रदर्शनों की वजह से सॉफ्ट टारगेट बनाया गया है। इसमें कांग्रेस, आदमी पार्टी आदि पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।

सूद ने कहा कि इस धमाके से भारत की छवि खराब करने की कोशिश है। भारत की जीडीपी तेजी से बढ़ रही है। अतंरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख बढ़ी है। कुछ राजनेता इसे नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। यहां का माहौल खराब करने की पूरी जिम्मेदारी राजनेताओं की है। किसान आंदोलन, गणतंत्र दिवस आदि की वजह से दिल्ली पुलिस, इटेलिजेंस एजेंसियां व्यस्त हैं। उसी को ध्यान में रखते हुए भारत को सॉफ्ट टारगेट बनाया गया।

पूर्व रॉ अफसर ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह से माहौल खराब किया गया है, चाहे 26 जनवरी को किया गया हो या किसानों की ओर से किया गया हो। इसकी वजह से हो सकता है कि धमाके यहां पर पॉलिटिकल कनेक्शन हो। जब यहां शाहीनबाग का प्रदर्शन चल रहा था तो कांग्रेस के कुछ नेता पाकिस्तान गए थे, उनसे मदद मांगने। उन्होंने पाकिस्तान जाकर कहा कि हमें पैसे दीजिए, हमे मोदी सरकार गिरानी है। ये देश को नुकसान पहुंचाने का चक्कर है।'

उन्होंने अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्ष के नेताओं को माहौल खराब करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन अभी खत्म होने वाला था, फिर नेता बीच में आ गए। वो चाहते हैं कि दिल्ली के अंदर ऐसा माहौल बना रहे। किसी विपक्ष के नेता ने लाल किले के अंदर हुए उपद्रव की निंदा नहीं की, चाहे दिल्ली के सीएम केजरीवाल हों, राहुल गांधी या अन्य पार्टियों के नेता हों। इसे देखकर लगता है कि ये दिल्ली और भारत के विकास को रोकना चाहते हैं। किसानों की बेमतलब की रैली का फायदा नेता उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं इसके साथ ही पूर्व NIA अधिकारी नवनीत राजन ने न्यज चैनल पर कहा कि यह इंटरनैशनल साजिश लगती है। स्थानीय स्तर पर यह नहीं किया गया है। उन्हें पता था कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां और कामों में लगी हैं। दिल्ली के बॉर्डर पर जो असंतोष चल रहा है, इसमें सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान लगा हुआ, इसका भी फायदा उठाया गया।

वहीं पूर्व आईबी अधिकारी टीएस तंवर ने  कहा कि दिल्ली के एक संवेदनशील इलाके में धमाका होना चिंता की बात है। इजरायल पर निशाना होना और भी खतरनाक है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस, किसान आंदोलन , लाल किले पर हुई घटना आदि पर नजर रखकर इस धमाके को अंजाम दिया गया। इस केस में महिला भी शामिल हो सकती है। घटना छोटी नहीं है। इजरायली निशाना हैं, यह घटना काफी गंभीर हैं।

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