2020 के कोरोना संकट में 100 अरबपतियों ने इतनी संपत्ति बनाई कि 13.8 करोड़ गरीब लोगों को मिल सकते हैं 94 हजार रुपए

कोरोना संकट में अमीर और अमीर हो गए और गरीब और गरीब हो गए। दरअसल, एक एनजीओ Oxfam ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है कि दुनिया के टॉप अमीरों की संपत्त‍ि में करीब 3.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 285 लाख करोड़ रुपये) का इजाफा हुआ है।

कोरोना संकट में अमीर और अमीर हो गए और गरीब और गरीब हो गए। दरअसल, एक एनजीओ Oxfam ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है कि दुनिया के टॉप अमीरों की संपत्त‍ि में करीब 3.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 285 लाख करोड़ रुपये) का इजाफा हुआ है। यह रिपोर्ट स्विट्जरलैंड में हो रहे दावोस समिट में पेश की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार इन दस महीनों में भारत के शीर्ष 100 अरबपतियों की संपत्ति में करीब 13 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. यह पैसा इतना है कि अगर बेहद गरीब  लोगोंं में बांट दिया जाए तो (13.8 करोड़ अतिशय गरीब लोगों के हिसाब से) तो हर गरीब के खाते में करीब 94 हजार रुपये आ जाएंगे।

रिपोर्ट के अनुसार भारत के 100 अरबपतियों की संपत्ति में 10 महीनों में 12.98 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है, जबकि देश में लॉकडाउन के पहले दो महीनों में ही करीब 9.2 करोड़ लोगों की नौकरियां चली गई थींं। 'असमानता का वायरस' (इनइक्वलिटी वायरस)  शीर्षक की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान भारत के अरबपतियों की संपत्ति में करीब 35 फीसदी का इजाफा हुआ है, जबकि 84 फीसदी परिवारों की आमदनी घटी है, सिर्फ अप्रैल, 2020 महीने में ही हर घंटे करीब 1.7 लाख लोगों की नौकरी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में असमानता इतनी ज्यादा हो गई है कि किसी अकुशल कामगार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के जितना कमाने में 10 हजार साल लग सकते हैं।  रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस ने दुनिया में मौजूद आय में असमानता को भयंकर तरीके से और बढ़ा दिया है, जिससे इसका असर शिक्षा, स्वास्थ्य और एक बेहतर जीवन जीने के अधिकारों पर और गहरा होगा। दुनिया के अमीर लोगों और दुनिया भर में गरीबी में जीने और गरीबी में ही मर जाने वाले लोगों के बीच की खाई खतरनाक तरीके से गहरा गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक 18 मार्च से 31 दिसंबर 31, 2020 के दौरान दुनिया के 10 शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति में 540 अरब डॉलर का इजाफा हुआ. ऐसा अनुमान है कि इस दौरान कम से कम 20 करोड़ से 50 करोड़ लोग गरीब हो गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 100 सबसे अमीर लोगों ने अपने नुकसान को 9 महीने के अंदर ही हासिल कर लिया है, लेकिन दुनिया के सबसे गरीब लोगों को अपनी हालत सुधारने में दशक से अधिक समय लग सकता है। दुनिया में जो लोग 2 डॉलर से 10 डॉलर की प्रतिदिन आय पर निर्भर रहते हैं, वे गरीबी के कगार पर हैं। Oxfam ने कहा कि कोरोना संकट के कारण जब उड़ानें बंद थीं तो अरबपति अपने लिए प्राइवेट जेट्स खरीद रहे थे।

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