Martyrs' Day: पढ़ें भगत सिंह के कुछ खास विचार

28 सितंबर 1907 को जन्में भगत सिंह ने महज 23 साल की उम्र में वो कारनामा कर दिखाया जो आज का युवा करने के बारे में शायद ही सोचे।

पूरा देश आज शहीद दिवस (Martyrs' Day) मना रहा है। 90 साल पहले आज के ही दिन भगत सिंह (Bhagat Singh)  को फांसी दी गई थी। भगत सिंह के साथ राजगुरु और सुखदेव भी आज के ही दिन देश के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया था। इन तीनों की कुर्बानियों को याद करते हुए ही आज के दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

बता दें कि 28 सितंबर 1907 को जन्में भगत सिंह ने महज 23 साल की उम्र में वो कारनामा कर दिखाया जो आज का युवा करने के बारे में शायद ही सोचे। उनके बलिदान को आज भी याद किया जाता है। 

उनका 'इंकलाब जिंदाबाद' का नारा हर किसी की जुबान पर रहता है। शहीद दिवस के मौके पर हम आपके लिए लेकर आए हैं भगत सिंह के कुछ खास विचार जिसे हर किसी को जानने और अपनी जिंदगी में उतारने की जरूरत है-

1. भगत सिंह ने कहा था- आप किसी व्यक्ति को मार सकते हैं, लेकिन किसी के विचारों को मारा नहीं जा सकता। 

2. अगर किसी बात को बहरों को सुनाना है तो आवाज को बहुत तेज करना होगा।

3. जिंदगी को अपने दम पर जिया जाता है, क्योंकि दूसरों के कंधे पर सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं। 

4. क्रांतिकारी रोच के दो लश्रण है- निर्दयी आलोचना और स्वतंत्र सोच। 

5. पिस्तौल और बम क्रांति नहीं लाते। इंकलाब की तलवार विचारों की सान में तेज होती है।

6. वे मुझे मार सकते हैं। लेकन मेरे विचारों को नहीं। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को नहीं। 

7. किसी ने सच कहा है, सुधार बूढ़े आदमी नहीं कर सकते। वे तो बहुत बुद्धिमान और समझदार होते हैं। सुधार तो होते हैं युवाओं के परिश्रम, बलिदान और साहस से, जिनकों भयभीत होना नहीं है, जो विचार कम और अनुभव अधिक करते हैं। 

Get the latest update about Rajguru, check out more about Shaheedi diwas, national Shaheedi diwas, Sukhdev & national martys day

Like us on Facebook or follow us on Twitter for more updates.